Stotramala
Thursday, September 29, 2011
नवदुर्गा स्तोत्रं
वंदे वाञ्छितलाभाय चन्द्रार्धकृतशेखरां |
वृषारूढां शूलधरां शैलपुत्री यशस्विनीं ||
दधाना करपद्माभ्याम् अक्षमाला कमण्डलू |
देवी प्रसीदतु मयि ब्रह्मचारिण्यनुत्तमा ||
पिण्दजप्रवरारूढा चन्द्रकोपास्त्रकैर्युता |
प्रसादं तनुते मह्यं चंद्रघण्टेति विश्रुता ||
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